चारधाम यात्रा के मद्देनज़र बदरीनाथ धाम जाने वाले मार्ग पर नौ ऐसे स्थान हैं, जो केवल श्रद्धालुओं की ही नहीं, बल्कि सरकारी व्यवस्था की भी कड़ी परीक्षा लेंगे। चमोली जिला प्रशासन इन समस्याओं के समाधान में जुटा हुआ है और दावा कर रहा है कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी ज़रूरी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे।

सबसे बड़ी चुनौती पागलनाला में है, जहां बरसात के समय पानी का अचानक बढ़ना सड़क को बहा देता है। प्रशासन ने यहां पानी को दो दिशाओं में डायवर्ट करने की योजना बनाई है ताकि सड़क को नुकसान न पहुंचे। चटवापीपल में कीचड़ और मलबे की वजह से अक्सर वाहन फंसते हैं। यहां स्लोप प्रोटेक्शन का कार्य पूरा हो चुका है, अब डामरीकरण शेष है।

नंदप्रयाग में भूस्खलन के चलते उत्तर प्रदेश पॉवर कॉर्पोरेशन के हाईटेंशन टॉवर को स्थानांतरित करने की योजना है। वहीं कमेड़ा और जोगीधारा जैसे क्षेत्रों में सुरक्षात्मक कार्य प्रगति पर हैं। जोगीधारा में एक बड़ा पत्थर केमिकल से तोड़कर हटाया जा रहा है।

हाथी पहाड़ पर नदी सड़क को काट रही है, जिससे बीआरओ ने सुरक्षात्मक कार्य शुरू किया है। लामबगड़ में वैकल्पिक ब्रिज का निर्माण जारी है। हनुमान चट्टी क्षेत्र में हिमखंड के चलते चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे। वहीं, भनेरपाणी में रोड कटिंग का काम पूरा हो चुका है, अब सड़क की सतह को सुधारने की प्रक्रिया बाकी है।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई हालिया बैठक में इन सभी कार्यों की प्रगति रिपोर्ट तलब की गई है। जिला प्रशासन यात्रा मार्ग को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए पूरी तरह प्रयासरत है।

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